खुद्दारी

दोपहर के २ बज रहे थे। मीना रसोई का चूल्हा करकट करके निपटी ही थी। दोपहर के समय दो घड़ी … More

Trip to Bhutan

“सैर कर दुनिया की ‘गाफिल’ ज़िन्दगानी फिर कहाँ, ज़िन्दगानी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ” Khwaja Meer ‘Dard’ … More