खुद्दारी

दोपहर के २ बज रहे थे। मीना रसोई का चूल्हा करकट करके निपटी ही थी। दोपहर के समय दो घड़ी … More

Rehmaan’s shoes

किताबों से कभी गुज़रो तो यूं किरदार मिलते हैं, गए वक्तों की ड्योढी में खड़े कुछ यार मिलते हैं, जिसे … More